कहीं दूर बरसता सावन..
हवाओं में सोंधी खुशबू का छिड़काव
बादलों में छिपता चंदा
उजाले अंधेरो में खेलता ये मन
रात के हमसफ़र है कई आज
फिर उनको क्यों ढूंढे नजर
हवाओं में सोंधी खुशबू का छिड़काव
बादलों में छिपता चंदा
उजाले अंधेरो में खेलता ये मन
रात के हमसफ़र है कई आज
फिर उनको क्यों ढूंढे नजर
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